चाईबासा में गौ सेवा दान दिवस का आयोजन, भक्तों ने बढ़-चढ़ कर लिया हिस्सा

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में कई जगहों पर मंगलवार को भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। मकर पर्व में दही-चूड़ा और तिलकुट खाने के बाद दान करने का बड़ा महत्व रहा है। इसलिए चाईबासा में द्वारिकाधीश की तर्ज पर पहली बार गौ सेवा दान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें गौ भक्त अपने शरीर के वजन के बराबर गौ आहार दान कर पुण्य कमाते हैं।

इस नई परंपरा के शुरुआत का ही बड़ा असर दिखा। जहां बडी संख्या में लोग गौ आहार दान करने के लिए शंभू मंदिर के प्रांगण पहुंचे और तुला पर बैठ कर अपने शरीर के बराबर गौ आहार दान किया। इस नई परंपरा की शुरुआत चाईबासा गौशाला समिति के द्वारा आरंभ की गई। जिसका उद्घाटन चाईबासा सदर एसडीओ पारितोष ठाकुर ने नारियल फोड़कर किया।

गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि इस नई परंपरा के पीछे उन लोगों के दो मकसद है, जिसमें एक तो गौसेवा कर लोग पुण्य कमा सकते है, तो वहीं चाईबासा गौशाला में लगभग 450 गोवंश है, जिनके आहार में ही प्रतिदिन 40 हजार खर्च किया जाता है। इसलिए लोग खुद पुण्य कमाने के साथ गौशाला को आर्थिक रूप से स्वालंबन बना सकते हैं।

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