Kumbh Mela 2019 : शाही स्नान में हाथी-पालकी पर सवार होकर पहुंचे साधु

प्रयागराज में आस्था के महापर्व कुंभ का आगाज हो गया है। मकर संक्रांति पर पहले शाही स्नान के मौके पर कई अखाड़ों के साधु-संत स्नान कर चुके हैं। सभी 14 अखाड़ों को संन्यासी, बैरागी और उदासीन भागों में बांटा गया है। सबसे पहले संन्यासी के तहत आने वाले अखाड़ों का नंबर है। फिर बैरागी और अंत में उदासीन के अंतर्गत आने वाले अखाडों के संत स्नान करेंगे। मकर संक्रांति के साथ शुरू हुआ कुंभ 4 मार्च महाशिवरात्रि तक चलेगा।

कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, यह अध्यात्म और आत्मचेतना का मेला है। यह केवल भीड़ नहीं है, आस्था और भावनाओं का सैलाब है। मेला प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 53 लाख लोग नदी में डुबकी लगा चुके हैं। शाही स्नान के दिन पहली रस्म अदायगी अखाड़ों के जरिए ही होती है। अब निर्मोही अखाड़ा के साधु शाही स्नान के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।

प्रिसिंपल सेक्रेटरी टूरिजम अवनीश अवस्थी के मुताबिक, अब तक 4 या 5 अखाड़े शाही स्नान कर चुके हैं। कुंभ में श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जा रही है। शाही स्नान के लिए जा रहे अखाड़ों के साधु-संतों पर भी बरसाए जा रहे हैं फूल। साधु-संत, हाथी-घोड़ों और सोने-चांदी की पालकियों पर बैठकर शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं।

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